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पीरियड्स / मासिक धर्म में रक्तस्राव का काम होना क्या है?( What is light period?)

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पीरियड्स की समस्या का घरेलू समाधान/ उपचार

  पीरियड्स क्या है और किस उम्र में शुरू होते है ?  किसी भी लड़की के यौवनावस्थ का वह समय जब ओवरी द्वारा पैदा हार्मोन के उसके शरीर में बदलाव शुरू होते है ! आमतौर पर यह 10 वर्ष से 14 वर्ष की आयु में शुरू होता है इस दौरान स्त्री के स्तनों का विकास एवं अंदरूनी अंग और अंडरआर्म में बाल आने लगते है साथ ही साथ उसकी ऊंचाई में भी वृद्धि होती है !   इस दौरान आप महसूस करती है की आपके शरीर में कोई गंध है एवं हार्मोन के असर से आपके वर्जिना क्षेत्र में कुछ रक्त बहाव होना शुरू होता है ! (पीरियड्स उन लड़कियों में पहले शुरू होता है जिनका वजन ज्यादा है और उन लड़कियों में बाद में शुरू होता है जिनका वजन कम हैं या फिर वो नृत्य ट्रैकिंग खेल आदि गतिविधियों में शामिल है !)  यह आपके पीरियड्स ( मासिक धर्म) का हिस्सा है! पीरियड्स के दौरान क्या होता है ? इसके चार चरण होते है जो निम्न प्रकार है :- पहला चरण : यह हर महीने तब शुरू होता है जब आपका गर्भाशय रक्त युक्त झिल्ली की एक ताजा परत का निर्माण करता है ! यह अंडे के निषेचित होने पर या फर्टीलाइज़ होने पर शरीर द्वारा उसे स्मायोजित करता है ! दूसर...

हाथ पैरों में कपकपाहट की समस्या का घरेलू नुस्खा / उपचार

  हाथ पैरों में कम्पन ( कपकपाहट) का घरेलू इलाज :- हाथ और पैरो में कम्पन की समस्या समानता 40-50 की उम्र के बाद शुरू होते है परंतु शारीरिक कमजोरी एवं बीमारी के कारण ये किसी भी उम्र में देखा जा सकता है ! आखिर क्यों होती है हाथ व पैरो में कम्पन( कपकपाहट) ? हाथ पैरों में कम्पन ( कपकपाहट) कई करने से हो सकता है शारीरिक कमजोरी, मानसिक डर, दिमाग का रोग, पार्किंसन रोग एवं उम्र बढ़ने के साथ साथ भी हो सकता है ! ऐसे में हाथ पैरों की अंगुलियों रोगी के ना चाहते हुए भी कांपती है एवं नियंत्रित नहीं होती, ऐसी स्थिति में रोगी किसी भी चीज को या तो बिल्कुल नहीं पकड़ पता या फिर जो पकड़ता है उसमे ताकत नहीं लगती हैं! हाथ पैरों में कांपन एक दिमागी रोग है लो लंबे वक्त से दिमाग में उत्पन्न हो रहा होता है, इस रोग का प्रभाव रोगी पर धीरे धीरे पड़ता है, कई बार तो रोगी को पता भी नहीं चलाता कब से उनको ये लक्षण शुरू हुए ! कई सप्ताह बीत जाने के उपरांत या कई महीनो बाद जब लक्षण अधिक बढ़ जाते है एवं कपकपाहट अधिक बढ़ जाती है तब रोगी को एहसास होता है !  कभी कभी ये लक्षण लोगो में जैसे जैसे शुरू होता है वैसे ही स्वत: ...

सर्वाइकल की समस्या एवं सर्वाइकल के दर्द लक्षण का घरेलू उपचार

  सर्वाइकल दर्द (सर्वाइकल की समस्या) का घरेलू समाधान ! सर्वाइकल एक ऐसी समस्या जो आज कल किसी भी उम्र के लोगो को हो रही है! जिसका लक्षण आमतौर पर गर्दन में दर्द महसूस होता है, यह रोग गर्दन को प्रभावित करता है, सर्वाइकल रोग गर्दन के हिस्से वाली रीढ़ की हड्डी के जोड़ो और डिस्क में समस्या होने से सर्वाइकल की समस्या उत्पन्न होती है! डॉक्टरों के अनुसार सर्वाइवल का दर्द केवल गर्दन में नही रहता है ये दर्द धीरे धीरे शरीर के दूसरे हिस्से में भी फैल जाता है ! आमतौर पर गर्दन की हड्डी और रीढ़ की हड्डी के बीच नरम डिस्क, कुशनिंग प्रदान करते है, डिस्क डिहाइड्रेट और सिकुड़ने के रूप में होता है! गर्दन के पीछे दर्द, सर के निचले हिस्से, कंधे, बांह, छाती में भी दर्द रहता है, गर्दन को हिलाने डुलाने पर दर्द मेहसूस होता है ! उठते बैठते समय आंखो के आगे अंधेरा छाना एवं चक्कर आने जैसी समस्या होती है , साथ ही साथ बैचेनी भी होने लगती हैं कई बार सांस लेने तक में परेशानी ( सांस का फूलना) महसूस होती है! गर्दन से दर्द होता हुआ हाथों तक आ जाता है ( हाथों में दर्द महसूस होता है) पीठ में तेज दर्द भी होता है! सर्वाइकल क...

सर दर्द की समस्या से हमेशा के लिए छुटकारे का घरेलू उपचार

  सर दर्द की समस्या से हमेशा के लिए छुटकारे का घरेलू उपचार :- सर दर्द एक ऐसी समस्या जो आम हो गई है, छोटे हो या बड़े ये किसी भी उम्र के लोगो को हो रही है! इसे कोई मतलब नही है की आप ऑफिस में काम करते है या घर पर खाली बैठे हुए है, और किसी चिंता में है या चिंता में नहीं है ये कभी भी बिना कारण के आ सकती है ! सर दर्द की समस्या कई प्रकार की होती है जैसे :- किसी के पूरे सर में दर्द महसूस होता है तो कीड़ी को सिर्फ आधे सर में दर्द महसूस होता है, किसी किसी को समय अनुसार दर्द महसूस होता है जैसे :- सुबह या शाम को या फिर कुछ लोगो को खाना खाने के बाद ! ये समस्या कुछ लोगो में एक दो दिन रहती है या कुछ लोगो में एक से दो घंटे, परंतु बहुत लोगो को ये समस्या कई सालो से भी है और वो बेचारे कई तरह की दवाइयों का सेवन करते है इस समस्या से छूटकारा पाने के लिए परंतु समस्या सिर्फ तब तक काम होती है जब तक की दवाई का असर रहता है उसके बाद जैसे ही दवाई का असर कम होना शुरू होता है समस्या पुनः शुरू हो जाती है, अधिक दवाइयों का सेवन करने से उनकी नींद में भी कमी आने लगती हैं ! जिसे बाकी चीज़ों में उनका ध्यान नहीं लगता और...