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पीरियड्स / मासिक धर्म में रक्तस्राव का काम होना क्या है?( What is light period?)

पीरियड्स की समस्या का घरेलू समाधान/ उपचार

 पीरियड्स क्या है और किस उम्र में शुरू होते है ? 

किसी भी लड़की के यौवनावस्थ का वह समय जब ओवरी द्वारा पैदा हार्मोन के उसके शरीर में बदलाव शुरू होते है !

आमतौर पर यह 10 वर्ष से 14 वर्ष की आयु में शुरू होता है इस दौरान स्त्री के स्तनों का विकास एवं अंदरूनी अंग और अंडरआर्म में बाल आने लगते है साथ ही साथ उसकी ऊंचाई में भी वृद्धि होती है !  

इस दौरान आप महसूस करती है की आपके शरीर में कोई गंध है एवं हार्मोन के असर से आपके वर्जिना क्षेत्र में कुछ रक्त बहाव होना शुरू होता है ! (पीरियड्स उन लड़कियों में पहले शुरू होता है जिनका वजन ज्यादा है और उन लड़कियों में बाद में शुरू होता है जिनका वजन कम हैं या फिर वो नृत्य ट्रैकिंग खेल आदि गतिविधियों में शामिल है !)

 यह आपके पीरियड्स ( मासिक धर्म) का हिस्सा है!



पीरियड्स के दौरान क्या होता है ?


इसके चार चरण होते है जो निम्न प्रकार है :-

पहला चरण : यह हर महीने तब शुरू होता है जब आपका गर्भाशय रक्त युक्त झिल्ली की एक ताजा परत का निर्माण करता है ! यह अंडे के निषेचित होने पर या फर्टीलाइज़ होने पर शरीर द्वारा उसे स्मायोजित करता है !

दूसरा चरण : जब आपके एक अण्डाशय से एक अंडा निकलता है एवं आपके गर्भाशय तक यात्रा करता है इस को ओव्यूलेशन या अण्डोत्सर्ग कहते है ! 

तीसरा चरण : इस में यदि आप पीरियड्स के दौरान किसी के साथ संबंध बनते है तो उस स्थिति में अण्डे की आपके गर्भाशय तक की यात्रा के दौरान उसे एक शुक्राणु ( स्पर्म) मिलता है और यह निषेचन होता है तो आप गर्भवती हो जाती है अन्यथा आपका शरीर गर्भाशय की रक्त युक्त झिल्ली जिसका उपयोग नहीं हुआ है उसको हटा देगा यही पीरियड्स है

चौथा चरण : जब आपके पीरियड्स शुरू होते है तो आपको तीन से सात दिनों तक रक्तस्राव होता है जोकि 20 से 60 मिलीलीटर तक होता है !

यह हर महीने तब तक होता रहता है जब तक आप गर्भवती नहीं हो जाती एवं गर्भावस्था में यह नहीं होता उसके बाद पुनः शुरू हो जाता है, आमतौर पर यह एक महिला में चालीस वर्ष में पहुंचने तक या उसे अधिक वक्त तक होता रहता है !




पीरियड्स कितने दिन के बाद होते हैं ?

महिलाओं व लड़कियों को पीरियड्स हर महीने में लगभग एक बार आने की संभावना होती है । पहले पीरियड्स से दूसरे पीरियड में लगभग 28 दिन का समय होता है परंतु कई बार यह 21 से 35 दिनों की बीच भी होता है जो सामान्य है!


पीरियड्स कितने दिन के लिए होते है ?

कुछ महिलाओ व लड़कियों में यह 3 से 5 दिनों तक तो कुछ में यह 2 से 7 दिनों के लिए हो सकती है


पीरियड्स आने के संकेत क्या होते है ?

पीरियड्स शुरू होने से पहले ही महिलाओ/ लड़कियों को अपने शरीर में सूजन , थकावट और शरीरिक ऊर्जा में कमी का एहसास होने लगता है जो आने वाले 4 से 5 दिन तक कम से कम रहता है


पीरियड्स के लक्षण क्या है ? 

थकान महसूस होना,

सर या पीठ में दर्द महसूस होना

मुंहासे का होना

सूजन आना

काम में एकाग्र या ध्यान केंद्रित करने में परेशानी

स्तन में दर्द महसूस होना

आदि लक्षण है!



पीरियड्स से पहले दर्द क्यों होता है ?

पीरियड्स से पहले महिलाओ एवं लड़कियों को पेट में ऐंठन और दर्द की समस्या शुरू हो जाती है और कुछ में तो यह पीरियड्स से दो तीन दिन पहले ही ये समस्या शुरू होती है एवं कभी कभी इसकी वजह से कब्ज व गैस की समस्या भी होती है !

पीरियड्स से पहले एवं पीरियड्स के दौरान होने वाले दर्द को डिसमेनोरियल कहते है!

 परंतु अधिकतर महिलाओ एव लड़कियों में यह समस्या यूट्रस में ऐंठन की वजह से होता है क्योंकि यूट्रस जब संकुचन करता है तो प्रोस्टाग्लैडीन हार्मोन रिलीज होते है एवं इसी दौरान यूट्रस से थक्के भी बाहर आने लगते है जिनकी वजह से दर्द महसूस होता है!

पीरियड्स के दौरान शरीर के निचले हिस्से में दर्द होना एक हद तक सहेज है इस दौरान सूजन और थकावट भी सामान्य है !




पीरियड्स का दर्द दो तरह का होता है :

प्राथमिक दर्द (प्राइमरी पेन) एवं दुतीय दर्द ( सेकेंडरी पेन)


प्राथमिक दर्द (प्राइमरी पेन):

यह दर्द वैसे तो युवा महिलाओ व किशोरियों को होता है, इस में पेट में ऐंठन गर्भाशय के सिकुड़ने के कारण व गर्भाशय में खून की कमी के कारण हो होता है !

दर्द मुख्य तौर पर पेट के निचले हिस्से में महसूस होता है लेकिन जांघो के पीछे और नीचे भी जा सकता है इस में कुछ महिलाओ को चिड़चिड़ापन महसूस होता है !


 दुतीय दर्द (सेकेंडरी पेन): यह दर्द आमतौर पर 20 साल की उम्र के बाद महसूस होता है यह सिर्फ पीरियड्स में ही भी पूरे पीरियड साइकल में हो सकता है !



पीरियड्स के दौरान क्या खान चाहिए ? : 

पीरियड के दौरान खून में शुगर कम ही जाता है ऐसे में महिलाओ व लड़कियों को मीठा खाने का मन करता है साथ ही साथ थोड़ी थोड़ी देर में कुछ न कुछ खाने के लिए क्रेविंग होती है ! 

महिला को इस समय मीठी चीज़ों से ज्यादा उन चीजों पर जोर देना चाहिए जिन में प्रोटीन की मात्रा अधिक हो साथी खून में शुगर की भी सामान्य स्थिति नियंत्रित करे उदाहरण के तौर पर आप नट्स, ड्राइ फ्रूट्स, फलियां, आलू, दूध, पनीर आदि का सेवन भी कर सकती है!


यदि मीठा खाने का मन करे तो फल जैसे सेब अनार खाए क्योंकि ये खून की मात्रा बढ़ती है एवं डार्क चॉकलेट खाए ये आपका चिड़चिड़ापन कम करने में मदद करता है!


खाने में विटामिन और आयरन आदि शामिल करे विटामिन ई की कमी को दूर करने के लिए अंडे का सेवन करे आलू में विटमिन बी6 पाया जाता है जो की खून के क्लोटिंग ( थक्कों) को कम करता है!

साथ ही साथ कच्ची सब्जियों का सेवन करे एवं हरी पत्तेदार सब्जियों का सेवन करे!


फैटी एसिड का सेवन करना चाहिए इस शरीर में होने वाली ऐंठन से राहत मिलता है जोकि लौकी, सूरजमुखी के बीजों से, मछली आदि से अच्छी मात्रा में मिलती है


चाय या कॉफी का सेवन करे आप रोज एक कप चाय या कॉफी का सेवन करेंगी तो सुस्ती काम महसूस होगी


पीरियड्स के दौरान क्या नही खाना चाहिए ?

पीरियड्स के दौरान चीनी नमक के साथ साथ तली भुनी चीज़ों से परहेज करे जंक फ़ूड न खाए एवं ठंडा पानी पीने से बचे !

  पीरियड्स के दौरान नींबू ,संतरे,मौसमी, आदि खट्टे फलों के साथ साथ केले का सेवन भी नही करना चाहिए !

आइसक्रीम, दही, रायता या छांछ आदि के उपयोग से बने सामग्री भी नहीं खानी चाहिए !


पीरियड्स की तालिलीफ काम करने के कुछ आसान घरेलू उपाय :


पीरियड्स में पेट दर्द होने की समस्या समान्य है ऐसा होने पर गर्म पानी से सिकाई करने से दर्द में भूत जल्दी आराम मिलता है। इसके लिए सिंकाई वाले बैग या किसी बॉटल में गर्म पानी रखा कर पेट पर रखकर सिकई करे।


पेट दर्द शुरू होते ही आप गर्म पानी, चाय या कॉफी का सेवन करे इसके पीने के तुरंत बाद आपको आराम महसूस होगा। 


इस समय करेला, तिल सफेद कद्दू , सहिजन, पालक, अण्डा, दूध व सोयाबीन का सेवन फायदेमंद होता है। 


पीरियड्स के दौरान खट्टी चीजों के सेवन से बचे, इसके अलावा बैंगन, पीला कद्दू आदि के सेवन से भी बचे ये शरीर के अंगो में सूजन पैदा करते है। 


पीसा हुआ धनिया, चीनी के भूरे के साथ घी में भुंग कर खाने से पीरियड्स की समस्या में आराम मिलता है। 


धनिया पाउडर को पानी में मिलाकर अच्छे से उबाल लें जब पानी आधा रह जाए तो इसे छानकर इसका सेवन मिश्री के साथ करे इस पीरियड्स की समस्या में लाभ मिलता हैं।


पेट दर्द शुरू होते ही आप गर्म पानी, चाय या कॉफी का सेवन करे इसके पीने के तुरंत बाद आपको आराम महसूस होगा। 


इस समय करेला, तिल सफेद कद्दू , सहिजन, पालक, अण्डा, दूध व सोयाबीन का सेवन फायदेमंद होता है। 


पीरियड्स के दौरान खट्टी चीजों के सेवन से बचे, इसके अलावा बैंगन, पीला कद्दू आदि के सेवन से भी बचे ये शरीर के अंगो में सूजन पैदा करते है। 


पीसा हुआ धनिया, चीनी के भूरे के साथ घी में भुंग कर खाने से पीरियड्स की समस्या में आराम मिलता है। 


धनिया पाउडर को पानी में मिलाकर अच्छे से उबाल लें जब पानी आधा रह जाए तो इसे छानकर इसका सेवन मिश्री के साथ करे इस पीरियड्स की समस्या में लाभ मिलता हैं।





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