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पीरियड्स / मासिक धर्म में रक्तस्राव का काम होना क्या है?( What is light period?)

पीरियड्स / मासिक धर्म में रक्तस्राव का काम होना क्या है?( What is light period?)

पीरियड्स / मासिक धर्म में रक्तस्राव का काम होना क्या है?( What is light period?)



पीरियड्स महिलाओ/ लड़कियों के शरीर में जमी गंदगी को दूर करने का कार्य करती है पीरियड्स के दौरान होना वाली ब्लीडिंग !

ऐसे में पीरियड्स का सही से होना बेहत जरूरी है! परंतु महिलाओ/लड़कियों की गलत जीवनशैली पीरियड्स को प्रभावित करती है, जिससे पीरियड की अवधि और खून का थक्का कम हो जाता है! कुछ महिलाओ में तो ये एक दो दिन से ज्यादा मासिकस्राव/ पीरियड होती ही नहीं हैं ऐसे होने पर आपका न सिर्फ गंभीर बीमारियों की चपेट में का खतरा बढ़ जाता है बल्कि या अर्ली मेनोपॉज का भी खतरा बढ़ती है!

पीरियड शुरू होने पर शुरुआती  एक दो वर्षो में मासिकस्राव/ पीरियड का कम होना या समय अंतराल में अंतर आना समान्य बात है,

लेकिन यदि बाद में भी लंबे समय तक ऐसा हो तो ये बीमारी हो सकती है यह आहार में पोषक तत्वों की कमी, हार्मोन असंतुलन,  गर्भाशय संबंधी विकार्य अत्यधिक श्रम व तनाव के करना भी हो सकता है या फिर ये अण्डाशय में ग्रंथियां बनने के कारण भी हो सकता है!


लाइट पीरियड्स के होने के कुछ कारण निम्न है।

वजन का बढ़ना या कम हो जाना:



महिलाओ या लड़कियों में वजन का एकदम से कम हो जाना या बढ़ जाने का असर भी पीरियड पर पड़ता हैं क्योंकि वजन कम या अधिक हो जाने पर हार्मोन का संतुलन बिगड़ जाता है और इस कारण पीरियड्स के दौरान ब्लीडिंग कम हो जाती हैं


महिलाओ या लड़कियों द्वारा अधिक व्यायाम करना:



लगातार भारी व्यायाम करने या वर्कआउट करने वाली महिलाओ को भी भी पीरियड्स खुल कर नही आते एवं अधिक एनर्जी ड्रिंक का सेवन करने वाली महिलाओ में भी या समस्या हो सकती है

महिलाओ / लड़कियों में तनाव का होना या अधिक तनाव का होना:



अधिक तनाव होने पर मस्तिष्क पीरियड्स का हार्मोन को बदल देता है जिसे पीरियड्स खुल कर नही आते है, लगातार तनाव में रहने से पीरियड्स की अनियमितता एव मेनोपॉज की समस्या हो सकती है। तनाव की स्थिति से सामान्य स्थिति होने पर पीरियड्स सामान्य हो जाते है!

महिलाओ एव लड़कियों द्वारा पर्याप्त नींद ना लेना :



8 से 9 घंटे की स्वस्थ नींद हर इंसान के लिए जरूरी है परंतु अगर 8 से 9 घंटे की पर्याप्त मात्रा में नींद ना लेने के कारण शरीर में कार्टिसोल का उत्पादन पर्याप्त मात्रा में करता है जो कि तनाव हार्मोन है जो पीरियड्स को प्रभावित करता है ब्लीडिंग कम के साथ साथ पीरियड्स की अनियमितता का भी कारण बनता है।


महिलाओ एव लड़कियों में खून की कमी होना:



जिन महिलाओ या लड़कियों में खून की कमी हो या फिर एनीमिया की शिकायत तो उन्हें पीरियड्स के दौरान ब्लीडिंग कम होती है इसे में महिलाओ एव लड़कियों को खानपान पर अधिक ध्यान देना चाहिए। 


महिलाओ द्वारा स्तनपान करवाना:



बच्चे को जन्म देने के बाद बच्चे को तुरंत स्तनपान करवाने के कारण भी कुछ महिलाओ में पीरियड्स खुलकर नहीं आते स्तन में दूध का उत्पादन करने वाले हार्मोन अंडोत्सर्ग को रोकते है जिसके कारण पीरियड्स की अनियमितता हो जाती है और पीरियड खुल कर नही आते!


महिलाओ की बढ़ती उम्र:

 जैसे जैसे महिलाओ की उम्र बढ़ती , बढ़ती उम्र के कारण पीरियड्स की अवधि और रक्तस्राव में कमी आती है जिसे प्री मेनोपॉज भी कहा जाता है!


महिलाओ एव लड़कियों का स्वास्थ्य का ठीक ना होना:

सर्वाइकल स्टेनोसिस(Cervical Stenosis) या एशरमेनो सिंड्रोम (Asherman's Syndrome)

 थायराइड , पॉलिसिस्टिक ओवेरियन सिंड्रोम आदि स्वास्थ्य संबंधी समस्या के कारण भी पीरियड्स खुल कर नही आते है!


महिलाओ/ लड़कियों द्वारा गर्भनिरोधक दवाइयों का सेवन करना:



गर्भनिरोधक गोलियां पर्याप्त अंडे नही बनने देती जिस कारण से पीरियड खुलकर नहीं आ पता!


पीरियड्स खुलकर आने के घरेलू नुस्खे :

गुड़ और अजवाइन को घी में हलवे की तरह बनना ले इसके सेवन करने से रूक रूक कर आने वाले पीरियड्स खुलकर आता है एवं दर्द में भी राहत मिलती है !


हींग का सेवन करे। 


मूली के बीजों को अच्छे से पीस कर आधा चम्मच सुबह दोपहर और शाम तीन बार गर्म पानी के साथ सेवन करने से पीरियड्स खुल के आता है। 


गाजर का जूस आयरन और विटामिन से भरपूर होता है इसके सेवन से हार्मोन संतुलित होता है एवं खून की कमी पूरी होती है जिसे पीरियड्स खुल कर आते है


दालचीनी के पाउडर को पानी में उबाल कर पीने से भी पीरियड्स खुलकर आते है इसे गर्म दूध के साथ मिला कर भी पिया जा सकता है। 


पपीता खाने से शरीर में खून का प्रवाह बेहतर होता है जिसे पीरियड्स खुलकर आने शुरू हो जाते है आते है


रुके हुए पीरियड्स लाने का घरेलू नुस्खा:

🚫सूचना: इन उपाय से गर्भपात भी हो सकता है। अगर आपको लगता है की गर्भावस्था के कारण आपके पीरियड्स में देरी हो रही है तो कृप्या इनका इस्तेमाल न करे !

नीम के पत्तों का रस और अदरक के रस को पानी में मिला कर पीने से रुका हुआ पीरियड्स खुलकर आता है। 

अगर पीरियड्स ना आ रहे हो तो दो चम्मच गाजर के बीज को गुड़ के साथ पानी में उबाल कर रोज सुबह शाम सेवन करे तो पीरियड आयेगा एवं दर्द में भी आराम मिलेगा। 

पीसी हुई राई को दो गिलास पानी में उबाल कर छानले उसे कपड़ा भिगो कर पेट की सिकाई करने से पीरियड्स खुल कर आता है एवं दर्द में भी राहत मिलता है। 

काले तिल और गुड़ को बराबर मात्रा में मिलाकर दो कप पानी में उबाल कर छान ले फिर उसे ठंडा कर के रोज पिये इसे बंद हुआ/रुका हुआ पीरियड्स खुलकर आता है। 

नीम की कोपलो को एक गिलास पानी में उबाल लें जब आधा पानी रह जाए तो छान कर उसे पी ले इस रुका हुआ पीरियड्स शुरू हो जाता है। 

तुलिसी के बीज को एक गिलास पानी में अच्छे से उबाल कर पानी आधा गिलास कर ले , अब इस पानी का सेवन करने से रुका पीरियड आने लगता है



Comments

  1. Thank you so much dear
    Esme bhut sari jankari aisi hai jo hamare liye bhut jaruri hai

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